सीता टंडन

अकलतरा| विधायक सौरभ सिंह ने  मेसर्स सतगुरु मिनरल्स (अकलतरा लाइम स्टोन) की जनसुनवाई का विरोध किया । मिली जानकारी के अनुसार बिलासपुर निवासी गुलबाग सिंग छाबड़ा द्वारा अकलतरा लटिया पकरिया में चलाये जा रहे क्रशर खदान के पर्यावरणीय अनुमति के नवीनीकरण के लिए अकलतरा के इंदिरा वन उद्यान में लोक सुनवाई रखी गई थी । लोक सुनवाई के शुरू होते ही भाजपा के कार्यकर्ताओं के द्वारा इसका विरोध किया गया साथ ही अकलतरा विधायक सौरभ सिंह के द्वारा इसके नियमों को लेकर इसका विरोध किया गया अकलतरा विधायक का कहना है लोक सुनवाई की प्रकिया ही गलत है । दरअसल यह लोक सुनवाई जनता के विरोध के मद्देनजर गुपचुप तरीके से की जा रही थी । इस लोकसुनवाई के विषय में एसडीएम तहसीलदार तथा पर्यावरण विशेषज्ञों के द्वारा किसी तरह की विज्ञप्ति अखबारों में नहीं दी गई थी और साथ ही इस लोकसुनवाई के लिए कलेक्टर का आदेश पत्र शाम को व्हाट्सएप ग्रुप्स में भेजा गया । अकलतरा विधायक सौरभ सिंह ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इसका प्रतिवेदन ही गलत लिखा गया है । लटिया पकरिया के जिस स्थान पर यह खदान संचालित है उसकी स्कूल से दूरी , लंबाई-चौड़ाई आदि को गलत बताया गया है साथ ही उन्होंने एसडीएम तहसीलदार तथा आए हुए अन्य अधिकारियों को कड़े शब्दों में झिड़कते  हुए कहा कि आप लोगों को अन्य शिकायतों को सुनने या जांच करने का समय नहीं मिलता है लेकिन जन सुनवाई के लिए आपका पूरा राजस्व अमला मौजूद है । विरोध के बाद अधिकारियों को जनसुनवाई का विरोध किया गया

कांग्रेस सरकार को बदनाम करने की साज़िश :-एक बजे के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंहगाई के खिलाफ धरना प्रदर्शन समाप्त करने के बाद इस जनसुनवाई का जबरदस्त विरोध  करने पहुंचे और इसका विरोध किया और अधिकारियों को क्रशर मालिक की दलाली का आरोप लगाया उनका कहना था कि यह जनसुनवाई चुपचाप की गई है और यह कांग्रेस सरकार को बदनाम करने की साजिश है कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि जहां क्रशर खदान संचालित है वहां जनसुनवाई की जानी चाहिए लेकिन जन सुनवाई को लटिया से 4 किलोमीटर दूर अकलतरा के अंतिम छोर में किया जा रहा है कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जबरदस्त विरोध को देखकर पीठासीन अधिकारी ने जनसुनवाई को बंद करने की घोषणा की । 

क्या वाकई चिंतित हैं दोनों दल :- कांग्रेस और भाजपा दोनों के जबरदस्त विरोध को देखकर यह अंदाज लगाना मुश्किल है कि क्या यह दोनों ही दल वाकई अकलतरा लटिया पकरिया के जनता के सच्चे हितैषी हैं या यह केवल अपनी अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं या तो आने वाले कुछ पता चल जाएगा । लोगों का कहना है कि यह विरोध केवल दिखावा है और दोनों ही दलों को जनहित या लटिया पकरिया के आर्थिक , मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य की चिंता नहीं है बल्कि ये दोनों ही दल क्रशर खदान की गर्म भट्टी में अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं ।