बिलासपुर| एनटीपीसी सीपत भूविस्थापित ग्रामीणों ने राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को एनटीपीसी सीपत द्वारा वरीयता सूची क्रमांक 1 से 691 तक को स्थायी नौकरी में रखे जाने का प्रावधान होने के बावजूद कुल 425 भूविस्थापितो को नौकरी में लेने व बाकी 266 कृषको को नौकरी में नहीं रखने को लेकर ज्ञापन सौपा है व इस मामले में भूविस्थापितो को योग्यतानुसार नौकरी दिलाने उचित कार्यवाही करने की मांग किया है|

एनटीपीसी सीपत भूविस्थापित ग्रामीणों ने बताया कि एनटीपीसी सीपत भूअर्जन से प्रम्भावित कृषक है जिनका 1.00ए0 से ऊपर भूमि अधिग्रहित किया गया है, वरीयता सूची क्रमांक 1 से 691 तक को स्थायी नौकरी में रखे जाने का प्रावधान है लेकिन अबी तक एनटीपीसी सीपत द्वारा कुल 425 भूविस्थापितो को नौकरी में लिया गया है बाकी 266 कृषक बेरोजगारी एवं भुखमरी का शिकार हो रहे है जिसके बारे में तत्कालीन कलेक्टर एवं एनटीपीसी सीपत प्रबंधन को विगत 2 वर्षो से लगातार 10 से 11 दफे  आवेदन करते चले आ रहे है लेकिन अभी तक भूविस्थापितो को किसी भी प्रकार का राहत व संतुष्टि नहीं मिल रहा है और न किसी प्रकार की बैठक आहूत की गई है जिससे एनटीपीसी भूविस्थापित को सिर्फ मायूसी की हाथ लगी है| एनटीपीसी भूविस्थापित ग्रामीणों ने राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को ज्ञापन सौपकर भूविस्थापितो की समस्या पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए त्रिपक्षीय बैठक आहूत करने एवं 156 पद जिसको अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित रखा गया है जिसमे अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी नहीं है इस प्रकार भूविस्थापित होने के कारण नौकरी की प्राथमिकता नहीं रखते है अत: अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी नहीं होने के कारण उक्त पदों पर भूविस्थापितो को योग्यतानुसार नौकरी दिलाने उचित कार्यवाही करने की मांग किया है|