०० उप संचालक खनिज प्रशासन दिनेश मिश्रा से मिले लॉग बुक में मिली तमाम तरह की अनियमितताएं और खामियां

बिलासपुर। कार्यालय उप संचालक खनिज प्रशासन  बिलासपुर का काम तो वैसे जिले के खनिज संसाधनों का बेहतर प्रबंधन कर अवैध खनन पर अंकुश लगाने का है। वहीं उप संचालक खनिज प्रशासन दिनेश मिश्रा ने कलेक्टर के नाक के नीचे ही अनियमितता की दीवार खड़ी कर भ्रष्ट्राचार की गहरी सुरंगे खनन कर दी है।

इन गहरी और लंबी सुरंगों का एक सिरा खनिज विभाग  को मिली एक मात्र सरकारी गाड़ी क्रमांक CG-02  5526 के लॉग बुक से जा मिलती है।सरकारी गाड़ी ऐसी है कि, मिले दस्तावेज बता रहे इसमें दो किलोमीटर नापक यंत्र यानी माइलोमीटर लगे हुए हैं और अधिकारी-कर्मचारी इसमें सवार होकर एक ही दिन में एक समय में दो अलग-अलग दिशाओं में अलग-अलग जगहों पर अपनी मौजूदगी साबित कर रहे हैं । एक गाड़ी में लगी दो माइलोमीटर दस्तावेजों से साबित हो जा रहे पर ये साबित करने में नाकाम है कि बताएं गए लोकेशन पर मौजूद अधिकारी-कर्मचारी एक ही है, या अलग-अलग, इनकी पुष्टि तो दिनेश मिश्रा उप संचालक खनिज प्रशासन जिला बिलासपुर ही कर सकते हैं। कार्यालय उप संचालक खनिज प्रशासन से मिले लॉग बुक में तमाम तरह की अनियमितताएं और खामियां नजर आ रही है। जिसका खुलासा नया इंडिया द्वारा क्रमश: किया जाएगा|

क्या है लॉगबुक :- जिला स्तर के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र विस्तृत होते हैं। जिले के सुदुर क्षेत्रों तक उनकी सुविधा जनक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए शासन से अधिकारियों को सरकारी गाड़ी आबंटित की जाती है। इन गाड़ियों की परिचालन की निगरानी के लिए गति माप पुस्तिका यानी लॉगबुक उपलब्ध कराई जाती है ।जिसमें गाड़ी कि तारीख को किस समय कहां-कहां गई, कितने किलोमीटर चला, पेट्रोल डीजल की मात्रा, यात्रा का विवरण, वाहन उपयोग में लेने वाले अधिकारी, प्रभारी अधकारी के हस्ताक्षर आदि विवरण दर्ज करने होते है। जिससे कि लेखा-जोखा तैयार कर यात्रा व्यय का बिल बनाकर शासन से भुगतान कराया जा सके ।

हमें खेद है :- हमारा मानना है कि अनियमितता और भ्रष्ट्राचार के इस मामलें में दिनेश मिश्रा उप संचालक खनिज प्रशासन बिलासपुर आरोपी है। इस समाचार में उनका भी पक्ष जानना चाहिए था। स्वच्छता पत्रकारिता की शुचिता के लिए ये जरुरी भी है पर दिनेश मिश्रा उप संचालक खनिज  प्रशासन बिलासपुर ऑन रिकार्ड बाइट मांगने पर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देते हैं, वही श्री मिश्रा के अनियमिता में चार-चाँद लगाने के लिए रंगा बिल्ला नाम से मशहूर राहुल गोलाटी और उसका सांथी नंबर वन के वसूली मास्टर हैं। बिलासपुर कलेक्टर के नाक के नीचे उप संचालक  खनिज प्रशासन दिनेश मिश्रा ने अनियमितता की दीवार खड़ी कर बनाई भ्रष्ट्राचार की सुरंगे जिसका मुख्य सूत्रधार रंगा बिल्ला को बताया जाता हैं।