०० त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जयरामनगर सरपंच की कुर्सी के लिए गिरजा अग्रवाल व लीलाबाई शर्मा के बीच चल रही राजनितिक रस्साकसी

०० सरपंच गिरिजा कमल अग्रवाल के खिलाफ लीलाबाई शर्मा ने न्यायालय में याचिका दायर कर मतगणना में गड़बड़ी का लगाया था आरोप

०० गिरिजा कमल अग्रवाल के विरोधी जबरन सरपंच पद की कुर्सी खतरा में होने का कर रहे प्रचार-प्रसार   

मस्तुरी| त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जयरामनगर सरपंच पद पर गिरिजा कमल अग्रवाल की जीत हुई थी जिसपर लीलाबाई शर्मा ने आरोप लगाई थी कि मतगणना के दौरान मतपत्रों की गिनती में गड़बड़ी और रिजेक्ट वोटों को सही बताते हुए उसे जानबुझकर कर पराजित कर दिया गया था निचली अदालत में सच सामने आया और उसे विजयी घोषित किया गया जिसके खिलाफ गिरजा देवी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर एसडीएम के फैसले को हाई कोट के डिवीजन बेंच के समक्ष चुनौती दी है। मामले की सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने मस्तूरी एसडीएम को नोटिस जारी कर चुनाव आयोग के मापदंडों और गाइड लाइन के अनुसार प्रकरण का निराकरण करने का निर्देश जारी किया है व फैसले पर स्थगन दिया जिसकेबाद गिरिजा कमल अग्रवाल पुन: सरपंच पद पर काबिज हो गई लेकिन हालिया हुए घटनाक्रम के बाद एक बार फिर गिरिजा कमल अग्रवाल के विरोधी सक्रीय हो गए व सरपंच की कुर्सी खतरे में का व्यापक प्रचार-प्रसार कर जनता के मतों व माननीय न्यायालय के फैसले का अपमान करने की कोशिश में लगे हुए है जबकि सरपंच पद की जीत में मतदाताओ की जीत सुनिशचित है|

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान जयरामनगर पंचायत पंचायत चुनाव की पुरे मस्तुरी क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा था, एक तरफ गिरिजा कमल अग्रवाल तो दूसरी तरफ लीला बाई शर्मा दोनों ही उम्मीदवारों ने चुनाव को प्रतिष्ठा से जोड़ लिया था। प्रचार प्रसार में एक दूसरे को टक्कर देने के साथ ही मतदान के दौरान विवाद की स्थिति भी बनी थी। मतगणना के दौरान यह और भी गहरा गया था। मतगणना के बाद गिरजा देवी अग्रवाल को पीठासीन अधिकारी ने विजयी घोषित कर दिया था। इसे लीलाबाई शर्मा ने मस्तूरी एसडीएम के समक्ष चुनौती दी थी। पुनर्गणना के बाद मस्तूरी एसडीएम ने 26 वोटों से विजयी घोषित कर दिया। एसडीएम के आदेश के साथ्ा ही सरपंच की कुर्सी की अदला-बदली हो गई। एसडीएम के फैसले को चुनौती देते हुए गिरजा देवी अग्रवाल ने अपने वकील के जरिए हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू के डिवीजन बेंच में हुई। प्रकरण की सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने मस्तूरी एसडीएम को नोटिस जारी कर आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार प्रकरण का निराकरण करने का आदेश जारी किया व फैसले पर स्थगन दिया जिसके बाद गिरिजा कमल अग्रवाल पुन: सरपंच पद पर काबिज हो गई| हाल ही में गिरिजा कमल अग्रवाल के घर लाखो की चोरी हुई थी मामला वर्तमान में पुलिस के समक्ष विचाराधीन है लेकिन सरपंच गिरिजा अग्रवाल के विरोधियो द्वारा “सरपंच की कुर्सी खतरे में” का प्रचार प्रसार किया जा रहा है जबकि जयरामनगर की जनता के मत के बाद ही सरपंच का चुनाव हुआ था तथा माननीय न्यायालय के आदेश पर ही एसडीएम के फैसले के खिलाफ स्थगन मिलने के बाद ही गिरिजा कमल अग्रवाल पुन: सरपंच पद काबिज हुई थी मगर विरोधी बिगुल बजाकर केवल ढोल पीटने का काम कर रहे है|