०० लिपिक संघ ने तहसीलदार तुलसी राठौर के पुरे कार्यकाल की जांच करने की मांग की

बिलासपुर। एक लिपिक की फटकार से मौत और दूसरे लिपिक के खिलाफ थाने में ऍफ़आईआर दर्ज कराने के बाद लिपिक संघ ने तहसीलदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लिपिक संघ ने तहसीलदार तुलसी राठौर पर कई आरोप लगाते हुए पूरे कार्यकाल की जांच कराने पर उतारू है। बुधवार को इस संबंध में लिपिक संघ कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने वाले है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी और जिला अध्यक्ष सुनील यादव ने पत्रकारों के सामने दो टूक शब्दों में कहा कि सीपत तहसीलदार तुलसी राठौर हर काम के लिए पैसे की मांग करती है। बिना पैसा लिए कोई काम नही करती थी। इसके लिए अपने मातहत काम करने वाले बाबुओं पर दबाव डालती थी। दबाव बनाकर लिपिकों से उल्टा-सीधा काम कराना रोज का काम हो गया था। पिछले दिनों अपने कार्यालय में काम करने वाले लिपिक भरतलाल सूर्यवंशी को चेम्बर में बुलाकर फटकार लगाई थी। तहसीदार की इस प्रताड़ना से लिपिक सदमे में चल गया और रात में हार्ट-अटैक से उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद तहसीलदार ने दुसरे लिपिक भागवत मिश्रा पर दबाव बनाने लगी कि कार्यालय की बात बाहर नही जानी चाहिए। कार्यालय में जो डांट-फटकार हुई है उसकी जानकारी किसी को न दे। बल्कि मीडिया के लोगों को बात करके मैनेज कर ले। श्रीतिवारी ने बताया कि तहसीलदार तुलसी राठौर की आदत में शामिल है कि वो बाबुओं पर दबाव बनाकर काम कराती रही है। इसके पहले भी वो जहां पदस्थ थी उनके खिलाफ बहुत शिकायतें है। जबकि भागवत मिश्रा के 3 दशक की नौकरी में किसी भी अधिकारी ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाई, नोटिस या शिकायत नहीं कि है। तहसीलदार के ऍफ़आईआर करा देने से लिपिक भागवत मिश्रा प्रताड़ित हो रहे है और पूरा परिवार परेशान है। मिश्रा बाबू भी हताशा और निराशा के दौर से गुजर रहे है। श्री तिवारी ने कहा कि बुधवार को संघ की ओर से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा और तुलसी राठौर के पूरे कार्यकाल की जांच करने की मांग की जाएगी। इसके अलावा भरत लाल सूर्यवंशी की मौत की भी जांच कराने की मांग की जाएगी। इसके अलावा तुलसी राठौर को तत्काल सीपत से हटाने की भी मांग की जाएगी।