०० रेंजर से वसूली के आरोपी कथाकथित दो पत्रकार तथा मुख्य सरगना सरताज ईरानी के खिलाफ 3 जनवरी को हुआ था एफआईआर

०० डेढ़ करोड़ की वसूली मामले में दर्ज एफआईआर के 112 दिन बाद भी मामले का चार्जशीट नहीं हुआ तैयार

०० नया इंडिया ने मामले की जानकारी लेने एसपी, कोतवाली टीआई से किया संपर्क लेकिन नहीं उठाया फ़ोन

रायपुर| मुंगेली जिले के बहुचर्चित वन विभाग के रेंजर से ब्लैकमेलिंग कर कथाकथित पत्रकार व मुख्य सरगना सरताज ईरानी द्वारा डेढ़ करोड़ की वसूली की गयी थी इस मामले मेंरेंजर द्वारा तीनो आरोपी के खिलाफ 3 जनवरी को एफआईआर दर्ज कराया गया था जिसके बाद पुलिस ने कथाकथित दो पत्रकारो को गिरफ्तार किया लेकिन इस पुरे षड्यंत्र का मास्टर माइंड सरताज ईरानी मामले के खुलासे के बाद से  फरार है| सरताज ईरानी पुलिस को लगातार चकमा दे रहा है या पुलिस स्वयं ईरानी को गिरफ्तार करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रही यह यक्ष सवाल है? बहरहाल इस बहुचर्चित मामले की एफआईआर को 112 दिन बीत चुके है बावजूद इसके मुख्य सरगना फरार है वही पुलिस न्यायलय के समक्ष चार्जशीट पेश नहीं कर रही है जबकि 90 दिनों के भीतर चार्जशीट पेश किये जाने का प्रावधान है| 3 जानवरी को हुआ था एफआईआर, कुल मिलाकर 112 दिन हो चुका हैं, जिसका चार्जशीट 90 दिन में कोर्ट में पेश किया जाता हैं| इस मामले की जानकारी लेने नया इंडिया के संवाददाता द्वारा मुंगेली एसपी, टीआई सिटी कोतवाली को फोन लगाया गया लेकिन फोन को नही उठाया गया|

रतनपुर वनमंडल में पदस्थ रेंजर सीआर नेताम के पास न्यूज 24 पोर्टल का रिपोर्टर बनकर परमवीर सिंह मरहास व वर्षा पहुंचे और कहा कि आपके विरूद्ध भ्रष्टाचार की शिकायत सीबीआई के पास हुई है। जिसकी जांच सीबीआई चीफ कर रहे हैं। इस पर रेंजर नेताम ने कहा कि उन्होंने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया है। पत्रकारों ने कहा कि आपको जानकारी नहीं सीबीआई जांच कर रही और आपको गिरफ्तार कर अंडमान निकोबार जेल भेज देगी। आपका पूरा परिवार बरबाद हो जाएगा। भयभीत होकर रेंजर नेताम पैसा देने को तैयार हो गए। मई 2019 से अब तक तीन किश्त में एक करोड़ 40 लाख वसूल लिए। इससे परेशान होकर रेंजर श्री नेताम ने 3 जनवरी को सिटी कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के बाद पुलिस ने अंतिम किश्त की राशि लेने पहुंचे दोनों कथित पत्रकारों को बुधवार को पकड़ा। पूछताछ के बाद परमवीर मरहास पिता स्व़ प्यारा सिंह उम्र 40 वर्ष निवासी मिनोचा कालोनी बिलासपुर व वर्षा तिवारी पिता विपिन तिवारी उम्र 30 वर्ष नेचर सिटी बिलासपुर को गुरुवार को धारा 384, 386, 34 के तहत गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से नकद 8 लाख 15 हजार के अलावा वसूली गई रकम से खरीदे गए दो दोपहिया वाहन , दो-चारपहिया वाहन जब्त किया गया है। इसके अलावा सोने की एक चेन भी बरामद की गई है। मामले का मास्टर माइंड सरताज ईरानी फरार बताया जा रहा है।

तीन सालो में ही सरताज ईरानी बना करोडपति :- बिलासपुर के चांटीडीह ईरानी मोहल्ला निवासी सरताज अली ईरानी का मुख्य काम झाडफुक करना व सड़क पर चश्मा बेचना था, लेकिन अचानक की तीन सालो में करोड़ पति बन गया, बताया जाता है कि सरताज अली ईरानी इन तीन सालो के दौरान अकलतरा ओवरब्रिज के पास वाटर फ़िल्टर प्लांट की खरीदी की इसके अलावा लॉकडाउन के पहले उसने सरकंडा अशोक नगर आशाबंद के पास कीमती जमीन खरीदी है| पिछले तीन सालो में सरताज अली ने वेगन आर व टाटा सफारी वाहन खरीदकर सभी को चौका दिया वही सरताज ईरानी ने चांटीडीह स्थित अपने पुराने मकान को तोड़कर आलिशान मकान बना लिया है साथ ही इस मकान में कीमती सजावटी सामान भी लगाए है|

अवैध वसूली का मास्टर माइंड सरताज ईरानी का 60 फीसदी, पत्रकारों का 40 फीसदी हिस्सा :- रेंजर के करीबी सरताज ईरानी ने परमवीर और वर्षा से कहा था कि जितनी भी रकम की वसूली की जाएगी, उसकी 60 प्रतिशत राशि वो खुद रखेगा जबकि 40 फीसदी रकम पत्रकारों को मिलेगी। पुलिस ने दोनों कथित पत्रकारों को पकड़ने के बाद सरताज ईरानी को भी पकड़ने का प्लान बनाया, लेकिन ऐन मौके पर वह फरार हो गया।

पुश्तैनी मकान बेचने लगे तब बच्चों को पता चला मामला :- रेंजर नेताम ने घटना का जिक्र किसी से नहीं किया केवल अपनी पत्नी को बताया और बचाव के लिए राशि देते-देते उनकी सारी संपत्ति खत्म हो गई। उन्होंने लोगों से उधारी ली, जेवर गिरवी रखे अब उनके पास देने के लिए कुछ बाकी नहीं रहा। अंतिम किश्त मांगने पर अपना पुश्तैनी मकान बेचने का सौदा किया, तब जाकर उनके बच्चों को इसकी जानकारी हुई और उनके बच्चों ने मकान बेचने से इंकार कर मकान बेचने का कारण जानना चाहा। तब घटना खुलकर सामने आयी और नेताम ने मुंगेली सिटी कोतवाली को इसकी जानकारी दी।

मास्टर माइंड अभी फरार, उसको रेंज अफसर का करीबी बताया जा रहा :- बताया जा रहा है कि मुंगेली वन मंडल में कुछ गड़बड़ियां हुईं थी इसकी जानकारी रेंज अफसर नेताम के करीबी सरताज ईरानी को भी थी। आरोप है कि उसने ही दोनों पत्रकारों के साथ ब्लैकमेलिंग की साजिश रची। यह भी पता चला है कि सरताज ने दोनों से कहा था कि जितनी भी रकम वसूली जाएगी, उसका 60 प्रतिशत राशि वो खुद रखेगा। हालांकि अभी यह पता नहीं चल सका है कि वह भ्रष्टाचार क्या है।

मुंगेली एसपी-टीआई ने नहीं उठाया फ़ोन :- इस मामले की जानकारी लेने नया इंडिया के संवाददाता द्वारा मुंगेली एसपी अरविंद कुजूर के मोबाइल नंबर 9479190089 तथा विश्वजीत सिंह टीआई सिटी कोतवाली मुंगेली 9479193030 के मोबाइल नंबर पर फोन लगाया गया लेकिन फोन को नही उठाया|