०० अर्द्ध नारीश्वर दिव्य स्थान में है लाखो की संख्या में पारिजात व बेल के वृक्ष  एवं अनेक प्रकार के दिव्य औषधियों से है परिपूर्ण

०० अर्द्ध नारीश्वर धाम का जल कुंड में रहता है सदैव जल मौजूद, ग्रीष्म ऋतु में भी नहीं है सूखता जल कुंड

जांजगीर| अर्द्ध नारीश्वर धाम की महिमा है अपरंपार यह दर्शनीय स्थल अकलतरा विधानसभा के ग्राम पिपरदा से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है उक्त दर्शनीय स्थल के संचालक पूज्य श्री श्री 108 महंत शंकर पुरी महाराज जी  के सान्निध्य में संचालित हो रहा है,उक्त स्थल की पौराणिक इतिहास में  इस स्थल में साक्षात भगवान शिव एवं माता पार्वती शक्ति के रूप मे विद्यमान  है जिसके फलस्वरुप यहां आने वाले दर्शनार्थियों की समस्त मनोकामनाए पूर्ण होती हैं,व यहां सालों से नित्य जलने वाले धुनि व भगवान शिव स्थल होने की वजह से अत्यंत शांति का अनुभव होता है,उक्त दिव्य स्थान में लाखो की संख्या में पारिजात के वृक्ष व बेल के वृक्ष  एवं अनेक प्रकार के दिव्य औषधियों से परिपूर्ण वृक्ष भी है जो कि स्थान की दिव्यता को और भी बढ़ाते हैं,साथ- साथ यहां कई वर्षों से अखंड धुना भी जल रहा है|

अर्द्ध नारीश्वर धाम का जल कुंड में सदैव जल मौजूद रहता है जो ग्रीष्म ऋतु में भी कभी सूखता नहीं है इस दिव्य स्थल पर धार्मिक उत्सव आये दिन होते ही रहते है, कई बार इस दिव्य स्थल पर श्रीमद भागवत, श्री राम कथा, शिव पुराण,एवं रुद्र महायज्ञ का भी आयोजन हो होते रहता है, चूंकि कोरोना नामक महामारी से निजात एवं संपूर्ण भारत वर्ष एवं सम्पूर्ण विश्व की शांति के लिए आगामी 5 मार्च 2021 से श्री विष्णु महायज्ञ का आयोजन, (पूज्य श्री श्री 108 महंत शंकर पुरी महाराज जी) के सान्निध्य में होने जा रहा है,जिसमें विभिन्न धार्मिक स्थानों से कई विद्वान एवं तपस्वी महात्माओं का आगमन होगा, यज्ञ साक्षात भगवान नारायण का स्वरूप है यज्ञ कुंड में दी जाने वाली आहुतियों के द्वारा जो उत्पन्न धुआं है वह सम्पूर्ण नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करके एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता  है, इस यज्ञ में  बनारस से विद्वान ब्राह्मणो के मुख से उच्चारित मंत्र ध्वनि के माध्यम से पूरा वातावरण  शुद्ध होगा एवं इसके साथ- साथ संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भी भव्य आयोजन होगा अपनी वाणी से अमृत वर्षा करने के लिये भागवत भूषण पंडित कृष्ण गोपाल शास्त्री जी (चित्रकूट वाले)  मधुर कंठ के द्वारा सुन्दर दिव्य श्लोकों से युक्त श्रीमद्भागवत कथा का वाचन करेंगे। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से समस्त व्याधियां दूर हो जाती है ,धार्मिक आयोजन होने से लोगों में सात्विकता की भावना उत्पन्न होती है जिनको पित्र दोष हो उनका पित्र दोष समाप्त हो जाता है,श्रीमद्भागवत की कथा का श्रवण लाभ बड़े भाग्य से प्राप्त होता है । इस आयोजन के संरक्षक अनंत बलवंत श्री हनुमंत लाल जी महाराज एवं पावन सानिध्य श्री श्री 108 महंत शंकर पुरी महाराज जी स्वयं मौजूद रहेंगे सांथ ही विभिन्न जगहों से आने वाले श्रद्धालुओं की आगवानी में उनके शिष्य अश्विनी पुरी महाराज जी, सोनपुरी महाराज जी एवं  श्रीमान मनीष सिंह ठाकुर उपस्थित रहेंगे।