०० रेलवे के कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी केंद्र व राज्य शासन के लॉकडाउन के आदेशो की उड़ा रहे है धज्जियाँ

०० रेलवे के असिस्टेंट सेक्शन इंजिनियर ने कहा, “रेलवे में किसी भी तरह के सोशल डिस्टेंसिंसिंग से नहीं किया जा रहा है कार्य

०० सीनियर सेक्शन ऑफिसर मनमानी कर दे रहे भारी भ्रष्टाचार को अंजाम, रेलवे को हो रहा भारी नुकसान

०० लॉकडाउन में तेजी से हो रहा रेल पटरी बदलने के खेल, सीनियर सेक्शन ऑफिसर व रेलवे अधिकारी कर रहे भारी फर्जीवाडा  

बिलासपुर| लॉकडाउन के दौरान बिलासपुर रेलवे द्वारा जयरामनगर रेलवे ट्रैक का कार्य में कर्मियों से शासन के नियम विरुद्ध कार्य लिया जा रहा है, इस कार्य में लगे कर्मियों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंसिंग का पालन नहीं कराया जा रहा है वही जरुरी एतियात भी नहीं बरती जा रही है इस मामले को लेकर जयरामनगर में काम करा रहे है रेलवे के असिस्टेंट सेक्शन इंजिनियर रिखीराम भारती से जब इस मामले को लेकर चर्चा की गयी तो उन्होंने साफ़-साफ़ कहा कि रेलवे में किसी भी तरह के सोशल डिस्टेंसिंसिंग से कार्य नहीं किया जा रहा है वही लॉकडाउन में रेलवे कर्मियों से काम लेना स्वीकार किया गया| ज्ञात हो कि कोरोना वायरस संक्रमण के लॉकडाउन के दौरान बिलासपुर रेलवे के अधिकारी व सीनियर सेक्शन ऑफिसर द्वारा रेलवे के कर्मचारियों से क्षमता से अधिक कार्य लिया जा रहा है वही रेलवे ठेकेदार से मिलीभगत कर ठेकेदार के निजी कर्मचारियों के साथ ही रेलवे कर्मियों से एक साथ कार्य कराया जा रहा है, रेलवे अधिकारियो द्वारा बड़ी ही कुटिलता से रेलवे ठेकेदार को रेलवे कर्मियों के कार्य का लाभ दिलाया जा रहा है जिसके एवज में मोटी रकम कमीशन के रूप में ठेकेदार से लेकर रेलवे को भारी नुकसान पहुचाने का कार्य किया जा रहा है| सीनियर सेक्शन ऑफिसर द्वारा रेलवे के पुराने ट्रैक के पटरियों को बदलने व नए पटरिया लगाने के एवज में भी तगड़ी कमीशन ली जा रही है जिससे रेलवे के अधिकारी व सीनियर सेक्शन ऑफिसर मालामाल हो रहे है व रेलवे कर्मियों का जमकर शोषण भी कर रहे है|

बिलासपुर रेलवे जोन में इन दिनों लॉकडाउन के बीच बेहद तेजी से रेलवे ट्रैक के कार्य सम्पादित किये जा रहे है, वर्षो पुराने रेल पटरियों को बदलने के कार्य में रेलवे ठेकेदार के कर्मियों के साथ ही बड़ी तादाद में रेलवे के कर्मियों को भी शामिल कर उनकी क्षमता से अधिक कार्य लिए जा रहे है जिसकी जानकारी रेलवे के उच्च अधिकारियो को नहीं दी जाती है| सूत्रों की माने तो बिलासपुर रेलवे के अधिकारी व सीनियर सेक्शन ऑफिसर रेलवे ठेकेदार से मिलीभगत कर रेलवे कर्मियों से लिए जा रहे कार्यो को ठेकेदार के कर्मियों के कार्यो में शामिल कर उन्हें लाभ पहुचाने का कार्य किया जा रहा है जिसका करोडो का भुगतान रेलवे ठेकेदार को किया जा रहा है इस कार्य के भुगतान में बिलासपुर रेलवे के अधिकारी व जूनियर सेक्शन ऑफिसर व सीनियर सेक्शन ऑफिसर को मोटी रकम कमीशन के रूप में ठेकेदार द्वारा दिया जाता है जिससे रेलवे के अधिकारी व सीनियर सेक्शन ऑफिसर अपनी जेबे भर रहे है| इसी तरह रेलवे ट्रैक के पुराने पटरियों को ख़राब होने का हवाला देकर नए पटरी लगाने का कार्य किया जाता है जिसमे पुराने पटरियों को रेलवे को वापस किया जाता है जिसे गलाकर पुन: नए पटरियों का निर्माण कराया जाता है, पुराने पटरियों को करोडो में बिक्री किया जाता है जिसमे रेलवे के उच्च अधिकारियो से लेकर निचले तबके के अधिकारियो की मिलीभगत से किया जा जाता है जिसमे भी 30 से 40 प्रतिशत कमीशन लिया जाता है| इस पुरे खेल में रेलवे के अधिकारी मोटी कमीशन लेकर अकूत सम्प्पति के मालिक बने बैठे है वही रेलवे को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है|