०० स्वास्थ्य केंद्र में आए दिन लगा रहता है ताला, स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉक्टर है वही निवास

०० स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी चिकित्सक की मनमानी व गंभीर लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण 

मस्तुरी| कोरॉना कोविड 19 महामारी से पूरी दुनिया में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर शासन-प्रशासन सतर्कता दिखा रही है तो वही कुछ लोगों की लापरवाही हदें पार कर रही हैं। देश प्रदेश राज्य के सभी डॉक्टर दिन-रात करके लोगों के सेवा में लगे हैं। उन्हें अच्छी स्वास्थ्य सुविधा देने की कोशिश की जा रही है।तो वही  कई ऐसे डॉक्टर हैं जो अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं और दूसरे डॉक्टर के नाम के  साथ साथ स्वास्थ्य विभाग को भी बदनाम करने में लगे हुए हैं।

मामला मस्तूरी क्षेत्र के है मुख्यालय से महज 32 किलोमीटर दुर  जोधरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सोन की है जहां स्वास्थ्य केंद्र में एक डॉक्टर लक्ष्मी साहू पदस्थ है जो सोनसरि के मूल निवासी हैं अब सवाल यह है कि स्वास्थ्य केंद्र घर के नजदीक होने पर भी आए दिन ताला लगा हुआ रहता है। समय पर कभी  नहीं खोलते जिनकी खामियाजा जनता भुगत रही है गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद ग्राम के मरीज 5 किलोमीटर दूर स्थित जोंधरा के स्वास्थ्य केंद्र में इलाज करवाने जाते हैं ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियो द्वारा कई बार समझाईस के बाद भी स्वास्थ्य केंद्र मैं पदस्थ कर्मचारी अपने रवैए से बाज नहीं आती कभी भी स्वास्थ्य केंद्र समय से नहीं खुलती या केंद्र बंद रहती है ।अब ऐसे समस्या की घड़ी में डॉक्टर मनमानी करने में लगे हैं।आपातकालीन स्थिति में मरीज डॉक्टर को बुलाने जाती है तो घरेलू काम का वास्ता देकर अपने घर में इलाज कर मनमानी ढंग से मरीजों से पैसे भी वसूल करती है। ऐसा नहीं है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को इसके बारे में पता नहीं है पता होने के बाद भी किसी प्रकार की स्वास्थ्य विभाग के द्वारा उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। स्वास्थ विभाग के उच्च अधिकारियों के श्रेय में यह सब हो रहा है। जिसका भुगतना आम नागरिकों को पड़ रहा है। इस संबंध में ग्राम पंचायत सोन के स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ लक्ष्मी साहू का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र से कुछ ही दूर पर मेरा निवास है ग्राम के किसी मरीज को तकलीफ होती है तो मेरे घर आते हैं मैं घर में उन लोगों का इलाज कर देती हूं।

“इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है यदि यह बात सत्य है तो उचित कार्यवाही होगी”।

नंदराज कवर, बीएमओ, मस्तूरी